विनिर्माण और इंजीनियरिंग के दृष्टिकोण से, धातु 3D प्रिंटिंग—विशेष रूप से DMLS/SLM जैसी पाउडर बेड फ्यूज़न तकनीकों—की आयामी सटीकता और सतह फिनिश वे महत्वपूर्ण प्रदर्शन मीट्रिक हैं जो इसके अनुप्रयोग क्षेत्र को निर्धारित करते हैं। यह समझना आवश्यक है कि “as-printed” अवस्था केवल एक आधार स्तर होती है, और अंतिम इंजीनियरिंग सहनशीलता प्राप्त करने के लिए लगभग हमेशा पूरक पोस्ट-प्रोसेसिंग की आवश्यकता होती है।
धातु 3D प्रिंटेड भाग की आयामी सटीकता से तात्पर्य है कि मापी गई आयाम इच्छित CAD मॉडल से कितने निकट हैं। DMLS के लिए, X–Y प्लेन में महत्वपूर्ण विशेषताओं पर सामान्य सटीकता लगभग ± 0.1 mm से ± 0.2% (जो भी बड़ा हो) होती है। Z-अक्ष (बिल्ड दिशा) में सटीकता थोड़ी कम सुसंगत हो सकती है।
प्रभाव डालने वाले कारक:
प्रोसेस पैरामीटर: लेज़र पावर, स्कैन स्पीड, और हैच स्पेसिंग।
भाग ज्यामिति: पतली दीवारें और ओवरहैंग अवशिष्ट तनाव के कारण विकृति के लिए अधिक संवेदनशील होते हैं।
सामग्री: अलग-अलग मिश्र धातुएँ (जैसे Aluminum 6061 बनाम Inconel 718) भिन्न तापीय विस्तार और गलन विशेषताएँ दिखाती हैं।
पोस्ट-प्रोसेसिंग: तनाव-राहत और हीट ट्रीटमेंट तथा HIP जैसी थर्मल प्रक्रियाएँ छोटे आयामी बदलाव उत्पन्न कर सकती हैं।
पारंपरिक विधियों से तुलना: As-printed सटीकता सामान्यतः CNC मशीनिंग से कम होती है, जो भरोसेमंद रूप से ± 0.025 mm या उससे कड़ी सहनशीलता बनाए रख सकती है।
ऐसे घटकों के लिए जिनमें प्रिसिजन इंटरफेस, बेयरिंग सीट या थ्रेडेड कनेक्शन की आवश्यकता होती है, मानक as-printed सटीकता पर्याप्त नहीं होती। यहाँ हाइब्रिड दृष्टिकोण आवश्यक हो जाता है।
द्वितीयक CNC मशीनिंग: महत्वपूर्ण फीचर्स को जानबूझकर अतिरिक्त मटेरियल (स्टॉक अलाउंस) के साथ प्रिंट किया जाता है और फिर प्रेसिजन मशीनिंग सेवाओं जैसे CNC मिलिंग या CNC टर्निंग के माध्यम से कड़ी सहनशीलता तक फिनिश किया जाता है। यह DMLS की ज्यामितीय स्वतंत्रता को CNC की आयामी प्रिसिजन के साथ संयोजित करता है।
यथार्थवादी सहनशीलताएँ: इस पद्धति के माध्यम से निर्दिष्ट फीचर्स पर ± 0.025 mm से ± 0.05 mm (IT ग्रेड 7–9) तक की सहनशीलताएँ प्राप्त की जा सकती हैं, जिससे भाग एयरोस्पेस और चिकित्सा उपकरण जैसे मांग वाले अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बन जाते हैं।
As-printed DMLS भाग की सतह फिनिश सामान्यतः सिंटर्ड पाउडर कणों के कारण एक निश्चित खुरदरापन द्वारा चिह्नित होती है। सामान्य रेंज Ra 10 – 25 μm (400 – 1000 μin) होती है, जो अपेक्षाकृत खुरदरी और टेक्सचर्ड सतह मानी जाती है।
खुरदरेपन के कारण:
आंशिक रूप से सिंटर्ड कण: सूक्ष्म पाउडर कण मेल्ट पूल की परिधि पर चिपक जाते हैं।
“स्टेयर-स्टेपिंग” प्रभाव: लेयर-दर-लेयर प्रकृति के कारण घुमावदार या झुकी सतहों पर सीढ़ीनुमा टेक्सचर बनता है।
सपोर्ट स्ट्रक्चर अवशेष: जहाँ सपोर्ट सतह से संपर्क करते हैं, वहाँ पर निशान और असमानताएँ रह जाती हैं।
कार्यात्मक प्रभाव: यह खुरदरी as-printed सतह सामान्यतः बेयरिंग सतहों, फ्लूड सील, या थकान-क्रिटिकल अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त नहीं होती, क्योंकि यह तनाव-संकेन्द्रण बिंदु के रूप में कार्य कर सकती है।
सतह फिनिश को बेहतर बनाने के लिए कई पोस्ट-प्रोसेसिंग तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिनकी क्षमताएँ और परिणाम अलग-अलग होते हैं।
घर्षण ब्लास्टिंग: सैंडब्लास्टिंग एक सामान्य प्रारंभिक चरण है, जो सतह को साफ करता है और पीक खुरदरापन को कम करता है, तथा आमतौर पर Ra 4 – 8 μm तक प्राप्त किया जा सकता है। यह समान मैट फिनिश बनाता है।
वाइब्रेटरी फिनिशिंग: टम्बलिंग किनारों को रेडियस करने, डिबरिंग और अधिक स्मूद, अर्ध-मैट फिनिश प्राप्त करने के लिए उत्कृष्ट है, जिससे सतह फिनिश लगभग Ra 1 – 4 μm तक सुधारी जा सकती है।
Abrasive Flow Machining (AFM): आंतरिक चैनलों और जटिल ज्यामितियों को पॉलिश करने के लिए प्रभावी है, जहाँ अन्य विधियाँ पहुँच नहीं पातीं।
इलेक्ट्रोपॉलिशिंग: यह इलेक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया अत्यधिक स्मूद, माइक्रो-पॉलिश्ड फिनिश प्राप्त करने के लिए बहुत प्रभावी है। इलेक्ट्रोपॉलिशिंग सतह फिनिश को लगभग Ra 0.2 – 0.8 μm तक सुधार सकती है और साथ ही जंग प्रतिरोध भी बढ़ाती है।
CNC मशीनिंग/ग्राइंडिंग: महत्वपूर्ण प्लैनर या सिलिंड्रिकल फीचर्स पर सर्वोत्तम सतह फिनिश के लिए पारंपरिक CNC ग्राइंडिंग या मशीनिंग का उपयोग किया जाता है। इससे लगभग Ra 0.4 μm या बेहतर सतह फिनिश प्राप्त की जा सकती है, जो उच्च गुणवत्ता वाली as-machined फिनिश के बराबर होती है।
विशेषता | As-Printed (DMLS) | पोस्ट-प्रोसेसिंग के साथ |
|---|---|---|
आयामी सटीकता | ± 0.1 mm से ± 0.2% | ± 0.025 mm (मशीन किए गए फीचर्स पर) |
सतह फिनिश (Ra) | 10 – 25 μm | 0.2 – 4 μm (उपयोग की गई विधि के अनुसार) |
प्रोसेस के अनुसार डिज़ाइन करें: अपने डिज़ाइन में as-printed अवस्था की सीमाओं को ध्यान में रखें, और कठिन-से-पहुंच आंतरिक सतहों पर अत्यधिक कड़ी सहनशीलताएँ देने से बचें।
महत्वपूर्ण फीचर्स निर्दिष्ट करें: स्पष्ट रूप से परिभाषित करें कि किन सतहों पर कड़ी सहनशीलता और उत्तम फिनिश की आवश्यकता है, ताकि द्वितीयक मशीनिंग के लिए उपयुक्त स्टॉक अलाउंस रखा जा सके।
पूरे वर्कफ़्लो पर विचार करें: उच्च-प्रिसिजन भाग के लिए सर्वोत्तम मार्ग अक्सर यह होता है कि जटिल near-net shape को 3D प्रिंटिंग से बनाया जाए और अंतिम प्रिसिजन प्राप्त करने के लिए CNC मशीनिंग का उपयोग किया जाए।