विनिर्माण इंजीनियरिंग के दृष्टिकोण से, आंतरिक गुहाओं (internal cavities) वाले जटिल भागों का निर्माण करने की क्षमता मेटल सेलेक्टिव लेज़र सिंटरिंग (SLS) — जिसे अक्सर डायरेक्ट मेटल लेज़र सिंटरिंग (DMLS) या लेज़र पाउडर बेड फ्यूजन (LPBF) भी कहा जाता है — की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है। यह क्षमता इसे पारंपरिक सब्ट्रेक्टिव विधियों और कई अन्य निर्माण प्रक्रियाओं से मौलिक रूप से अलग बनाती है।
हाँ, मेटल SLS जटिल आंतरिक गुहाओं वाले भागों के निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह प्रक्रिया परत-दर-परत धातु पाउडर को लेज़र द्वारा पिघलाकर जोड़ती है। आसपास का असिंटरित पाउडर निर्माण के दौरान स्वाभाविक रूप से भाग का समर्थन करता है, जिससे आंतरिक चैनलों, हनीकॉम्ब लैटिस, अंडरकट्स, और खोखली संरचनाओं जैसी जटिल विशेषताओं का निर्माण संभव होता है, जो पारंपरिक मशीनिंग या कास्टिंग से एक ही ऑपरेशन में असंभव हैं। यह निम्नलिखित अनुप्रयोगों के लिए अत्यंत मूल्यवान है:
कॉनफॉर्मल कूलिंग चैनल्स: इंजेक्शन मोल्डिंग या डाई-कास्टिंग टूल्स में, DMLS 3D प्रिंटिंग मोल्ड कैविटी के अनुरूप कूलिंग चैनल बना सकती है, जिससे साइकिल समय में उल्लेखनीय कमी और गुणवत्ता में सुधार होता है।
लाइटवेटिंग: एयरोस्पेस घटकों में आंतरिक लैटिस संरचनाएँ वजन कम करती हैं जबकि संरचनात्मक कठोरता बनाए रखती हैं।
द्रव प्रवाह अनुकूलन: ऑटोमोटिव और पावर जनरेशन सिस्टम में जटिल आंतरिक मैनिफोल्ड और नोज़ल्स ईंधन, हवा या हाइड्रोलिक द्रव के लिए अनुकूलित पथ प्रदान करते हैं।
जहाँ असिंटरित पाउडर यह जटिलता संभव बनाता है, वहीं इसका हटाना एक महत्वपूर्ण और अक्सर चुनौतीपूर्ण पोस्ट-प्रोसेसिंग चरण होता है। पाउडर हटाने की रणनीति डिज़ाइन चरण का एक आवश्यक हिस्सा है।
पाउडर हटाने के लिए डिज़ाइन: सबसे महत्वपूर्ण कारक है पाउडर एस्केप होल्स को डिज़ाइन चरण में शामिल करना। आंतरिक गुहाओं को बाहरी सतह से ऐसे छिद्रों के माध्यम से जोड़ा जाना चाहिए जो पाउडर को बाहर निकलने की अनुमति दें। इन छिद्रों का आकार और स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है — इन्हें इस तरह रखा जाना चाहिए कि पाउडर पूरी तरह से बाहर निकल सके।
प्रारंभिक डिपाउडरिंग: निर्माण पूरा होने और भाग को बिल्ड प्लेटफ़ॉर्म से हटाने के बाद, मुख्य पाउडर को मैन्युअल रूप से हटाया जाता है। यह आमतौर पर ब्रश, पिक और संपीड़ित हवा जैसे उपकरणों के साथ एक समर्पित स्टेशन में किया जाता है। जटिल भागों के लिए यह समय लेने वाला हो सकता है और नाजुक आंतरिक संरचनाओं को नुकसान से बचाने के लिए सावधानी की आवश्यकता होती है।
उन्नत पाउडर हटाने की तकनीकें: उन जटिल आंतरिक नेटवर्क के लिए जहाँ पाउडर फँस सकता है, अधिक उन्नत विधियों का उपयोग किया जाता है:
अल्ट्रासोनिक क्लीनिंग: भाग को एक सॉल्वेंट या सफाई घोल में डुबोकर अल्ट्रासोनिक कंपन के अधीन किया जाता है। उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगें कैविटेशन बुलबुले उत्पन्न करती हैं जो आंतरिक सतहों से फँसे पाउडर को हटाती हैं। यह एक मानक और अत्यधिक प्रभावी विधि है।
वाइब्रेटरी टम्बलिंग: कुछ घटकों के लिए, विशेष मीडिया के साथ हल्की कंपन टम्बलिंग अवशिष्ट पाउडर को हटाने में मदद कर सकती है, हालांकि यह आमतौर पर डीबरींग और सतह फिनिशिंग के लिए उपयोग की जाती है।
आक्रामक विधियाँ: कुछ मामलों में, सैंडब्लास्टिंग या इलेक्ट्रोपॉलिशिंग जैसी तकनीकें उपयोग की जाती हैं, लेकिन ये आमतौर पर अंतिम सतह उपचार होती हैं, न कि भारी पाउडर हटाने के लिए।
सत्यापन: पूर्ण पाउडर हटाने की पुष्टि करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से तरल मैनिफोल्ड जैसे घटकों के लिए। बोरोस्कोप निरीक्षण या एक्स-रे CT स्कैनिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आंतरिक चैनल पूरी तरह साफ हैं।
छिद्र आकार और पहुँच: पाउडर एस्केप होल का एक व्यावहारिक न्यूनतम आकार होता है। बहुत छोटे छिद्र बंद हो सकते हैं और पाउडर को स्वतंत्र रूप से बहने नहीं देंगे। हमेशा संभवतः बड़े छिद्रों को डिज़ाइन करना बेहतर होता है।
फँसे हुए पाउडर का जोखिम: डिज़ाइन की त्रुटियों के कारण "आइलैंड" वॉल्यूम या लंबे, संकरे मार्गों में पाउडर स्थायी रूप से फँस सकता है, जिससे अतिरिक्त वजन, थर्मल गुणों में बदलाव या सेवा के दौरान संदूषण हो सकता है।
पोस्ट-प्रोसेसिंग एकीकरण: पाउडर हटाना केवल एक चरण है। इन भागों को आमतौर पर तनाव राहत और गुणों को सुधारने के लिए हीट ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है, और सटीक सतहों को सही टॉलरेंस प्राप्त करने के लिए CNC मशीनीकरण द्वारा फिनिश किया जाता है।
संक्षेप में, मेटल SLS जटिल आंतरिक ज्यामितियों वाले भागों के निर्माण की अपनी क्षमता में अतुलनीय है। हालाँकि, यह क्षमता एक डिज़ाइन-फॉर-मैन्युफैक्चरबिलिटी (DFM) दृष्टिकोण पर निर्भर करती है जो पाउडर हटाने को प्राथमिकता देता है, और एक पोस्ट-प्रोसेसिंग कार्यप्रवाह पर जो यह सुनिश्चित करता है कि आंतरिक गुहाएँ अपने इच्छित कार्य के लिए पूरी तरह साफ और मुक्त हों।