विनिर्माण और इंजीनियरिंग के दृष्टिकोण से, उन जटिल भागों के लिए जिन्हें उच्च-सटीकता वाली मेटिंग सतहों की आवश्यकता होती है, सर्वोत्तम समाधान शायद ही कभी एकल प्रक्रिया होती है — बल्कि एक हाइब्रिड मैन्युफैक्चरिंग रणनीति होती है जो एडिटिव और सब्ट्रैक्टिव दोनों तकनीकों की ताकतों का उपयोग करती है। यह दृष्टिकोण 3D प्रिंटिंग की ज्यामितीय स्वतंत्रता को मशीनिंग की सटीकता और परिशुद्धता के साथ जोड़ता है।
इस पद्धति में धातु एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (AM) का उपयोग करके एक जटिल, near-net-shape भाग तैयार किया जाता है, जिसे बाद में CNC मशीनिंग केंद्र पर पूरा किया जाता है ताकि महत्वपूर्ण सहनशीलता और सतह फिनिश प्राप्त की जा सके।
प्रक्रिया चयन: धातु भागों के लिए, DMLS अत्यधिक उपयुक्त है क्योंकि यह जटिल आंतरिक चैनल, हल्की लैटिस संरचनाएँ और टोपोलॉजी-ऑप्टिमाइज़्ड आकृतियाँ बना सकता है जिन्हें मशीनिंग से बनाना असंभव है। प्रोटोटाइप या गैर-संरचनात्मक घटकों के लिए, उच्च-रिज़ॉल्यूशन 3D प्रिंटिंग (जैसे SLA या MJF) उपयुक्त हो सकती है।
डिज़ाइन स्वतंत्रता: इस चरण का उपयोग कई घटकों को एकीकृत करने, कंफॉर्मल कूलिंग चैनल जोड़ने और लोड पथ के अनुसार सामग्री वितरण को अनुकूलित करने के लिए किया जाता है।
महत्वपूर्ण सतह फिनिशिंग: As-printed AM सतह (आमतौर पर Ra 10–25 μm) सीलिंग, बियरिंग या माउंटिंग के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसलिए महत्वपूर्ण मेटिंग सतहों (जैसे फ्लैंज फेस, सीलिंग ग्रूव, थ्रेड होल, डॉवेल पिन होल) को मशीन किया जाता है ताकि as-machined फिनिश Ra 0.4–1.6 μm या बेहतर प्राप्त किया जा सके।
सहनशीलता उपलब्धि: जहाँ AM ±0.1 mm तक की सटीकता देता है, वहीं CNC प्रेसिजन मशीनिंग ±0.012–0.025 mm की सटीकता विश्वसनीय रूप से प्राप्त कर सकती है, जिससे उचित फिट और कार्य सुनिश्चित होता है।
उपयोग की जाने वाली प्रक्रियाएँ: इसमें सपाट सतहों और जटिल आकारों के लिए CNC मिलिंग, बेलनाकार विशेषताओं के लिए CNC टर्निंग, और सर्वोच्च सटीकता के लिए CNC ग्राइंडिंग शामिल है।
एक सफल हाइब्रिड भाग के लिए सावधानीपूर्वक अनुक्रमित पोस्ट-प्रोसेसिंग श्रृंखला आवश्यक है:
तनाव राहत: AM प्रक्रिया से उत्पन्न आंतरिक तनावों को हटाने के लिए अनिवार्य हीट ट्रीटमेंट, ताकि मशीनिंग के दौरान विकृति न हो।
सपोर्ट हटाना और प्रारंभिक सफाई: बिल्ड प्लेट से हटाना (आमतौर पर Wire EDM द्वारा) और सपोर्ट संरचनाओं की सफाई।
HIP (यदि आवश्यक हो): एयरोस्पेस या चिकित्सा अनुप्रयोगों में आंतरिक रिक्तियों को समाप्त करने के लिए हॉट आइसोस्टैटिक प्रेसिंग।
प्रेसिजन CNC मशीनिंग: भाग को सटीक रूप से फिक्स्चर किया जाता है और महत्वपूर्ण सतहों को ड्राइंग विनिर्देशों के अनुसार मशीन किया जाता है।
अंतिम सतह संवर्धन: विशेष ट्रीटमेंट लागू किए जाते हैं:
जंग और कठोरता प्रतिरोध के लिए: एनोडाइजिंग (एल्यूमिनियम), पैसिवेशन (स्टेनलेस स्टील)।
घर्षण प्रतिरोध के लिए: PVD कोटिंग या नाइट्राइडिंग।
चिकनाई के लिए: इलेक्ट्रोपॉलिशिंग।
एयरोस्पेस: जटिल आंतरिक चैनलों और सटीक माउंटिंग फ्लैंज वाले फ्यूल नोज़ल्स।
चिकित्सा: छिद्रपूर्ण, हड्डी-संलग्न संरचनाओं और सटीक रूप से मशीन किए गए टेपर जोड़ों वाले ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट्स।
ऑटोमोटिव और रोबोटिक्स: हल्के, अनुकूलित संरचनात्मक ब्रैकेट्स जिनमें मशीन किए गए बोल्ट होल और लोकेटिंग सतहें होती हैं।
फ्लूइड पावर: जटिल आंतरिक चैनलों और सटीक-मशीन किए गए वाल्व व पोर्ट इंटरफेस वाले मैनिफोल्ड ब्लॉक।
निर्माण विधि | सर्वश्रेष्ठ उपयोग | इस परिदृश्य में सीमाएँ |
|---|---|---|
केवल CNC मशीनिंग | सुलभ ज्यामितीय आकृतियों और उच्च सटीकता वाले भागों के लिए। | जटिल आंतरिक चैनल या हल्के ऑर्गेनिक स्ट्रक्चर नहीं बना सकती। |
केवल 3D प्रिंटिंग | अत्यधिक जटिल आकृतियों और तीव्र प्रोटोटाइपिंग के लिए। | उच्च-सटीक सहनशीलता या चिकनी सतहें प्राप्त नहीं कर सकती। |
कास्टिंग + मशीनिंग | जटिल आकृतियों के उच्च-वॉल्यूम उत्पादन के लिए। | कम मात्रा के लिए उच्च टूलिंग लागत; AM की तुलना में सीमित ज्यामितीय जटिलता। |
हाइब्रिड (AM + CNC) | कम-वॉल्यूम, उच्च-जटिलता वाले भाग जिनमें महत्वपूर्ण सटीक सतहें हैं। | एकल प्रक्रिया की तुलना में अधिक लागत और लीड टाइम; उन्नत निर्माण विशेषज्ञता की आवश्यकता। |
महत्वपूर्ण विशेषताओं की प्रारंभिक पहचान करें: CAD मॉडल और ड्रॉइंग्स में स्पष्ट रूप से पहचानें कि कौन सी सतहें मेटिंग या इंटरफेसिंग हैं। इन सतहों पर विशेष रूप से बाद की मशीनिंग के लिए 0.5–1 mm का स्टॉक अलाउंस रखें।
निर्माण भागीदार से प्रारंभिक परामर्श करें: डिजाइन चरण के दौरान एक वन-स्टॉप सेवा प्रदाता के साथ जुड़ें ताकि भाग को हाइब्रिड वर्कफ़्लो के लिए अनुकूलित किया जा सके, यह सुनिश्चित करने के लिए कि इसे प्रभावी ढंग से प्रिंट और मशीन दोनों किया जा सके।
कार्यात्मकता को प्राथमिकता दें: कार्यात्मक जटिलता (आंतरिक चैनल, वजन में कमी) के लिए AM का उपयोग करें और कार्यात्मक सटीकता (सील, बियरिंग, थ्रेड्स) के लिए CNC का। उन विशेषताओं को AM से न बनाएं जिन्हें मशीनिंग द्वारा बेहतर रूप से प्राप्त किया जा सकता है।